झाबुआ जिले को मिला महिला सशक्तिकरण का उपहार: कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया की पहल पर बनेंगे वर्किंग वूमेन हॉस्टल

Jhabua district gets the gift of women empowerment: Working women hostels will be built on the initiative of Cabinet Minister Nirmala Bhuria.
झाबुआ फर्स्ट

 झाबुआ, मध्यप्रदेश – झाबुआ जिले की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए एक अहम निर्णय के तहत जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए विशेष रूप से एक अत्याधुनिक वर्किंग वूमेन हॉस्टल की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय महिला एवं बाल विकास विभाग की कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के विशेष प्रयासों का प्रतिफल है, जिनकी प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता ने जिले की महिलाओं को यह सौगात दिलाई है। 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक पहल

मध्यप्रदेश शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से "मिशन शक्ति" के अंतर्गत संचालित सखी निवास योजना को और मजबूत करते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत झाबुआ में एक 50 बिस्तरों वाला वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाया जाएगा, जो जिले की कामकाजी महिलाओं को न केवल सुरक्षित आवास प्रदान करेगा, बल्कि एक समर्पित एवं संवेदनशील सामाजिक वातावरण भी उपलब्ध कराएगा।

Jhabua First News- Jhabua-district-gets-the-gift-of-women-empowerment-Working-women-hostels-will-be-built-on-the-initiative-of Cabinet-Minister-Nirmala-Bhuria- झाबुआ जिले को मिला महिला सशक्तिकरण का उपहार: कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया की पहल पर बनेंगे वर्किंग वूमेन हॉस्टल

आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा सखी निवास

यह तीन मंजिला हॉस्टल लगभग 664 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इस भवन में महिलाओं की विविध आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखते हुए निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

  • एसी/नॉन एसी कमरे: सिंगल, डबल और ट्रिपल शेयरिंग विकल्पों के साथ।
  • मेस सुविधा: पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन के लिए एक पूर्णतः सुसज्जित भोजनालय।
  • सुरक्षा: चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी निगरानी, और प्रवेश नियंत्रण प्रणाली।
  • अन्य सुविधाएं: पार्किंग, खेलकूद का स्थान, स्वच्छता एवं जल की नियमित व्यवस्था, वाई-फाई आदि।
  • यह हॉस्टल केवल एक रिहायशी स्थान नहीं होगा, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक केंद्र भी बनेगा।

झाबुआ में पहली बार, महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित छत

अब तक झाबुआ जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए ऐसा कोई स्थान उपलब्ध नहीं था जहां वे आत्मनिर्भरता के साथ सुरक्षित तरीके से निवास कर सकें। इस हॉस्टल के निर्माण से वह बड़ी आबादी लाभान्वित होगी जो शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी व निजी क्षेत्र की नौकरियों में कार्यरत है और उन्हें आवास की समस्या का सामना करना पड़ता था।

इस संदर्भ में कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा –

"आज की महिला आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। लेकिन जब उसे अपने काम के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है, तो सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा और रहने की होती है। यह हॉस्टल उन्हें न केवल एक सुरक्षित स्थान देगा, बल्कि आत्मीयता और आत्मविश्वास का भी अनुभव कराएगा।"

प्रशासन की भूमिका और भू-अवंटन की प्रक्रिया

इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है। जिले की कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने बताया कि हॉस्टल निर्माण के लिए उपयुक्त एवं सुरक्षित भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है। यह भूमि झाबुआ तहसील के अंतर्गत ग्राम रतनपुरा स्थित है, जहाँ सरकारी सर्वे नंबर 2 और 4 की कुल 0.73 हेक्टेयर भूमि में से 0.50 हेक्टेयर भूमि हॉस्टल निर्माण हेतु निर्धारित की गई है। यह स्थान न केवल शहर से जुड़ा हुआ है, बल्कि वहां आवश्यक आधारभूत संरचनाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क और परिवहन की भी पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे हॉस्टल संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

महिला हितों की दिशा में मील का पत्थर

झाबुआ एक आदिवासी बहुल जिला है जहां महिलाएं धीरे-धीरे शिक्षा और रोज़गार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। लेकिन अब तक उन्हें उचित और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं न होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह हॉस्टल ऐसे समय में निर्माणाधीन होगा जब समाज में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कविता डामोर कहती हैं – यह निर्णय केवल इमारत का निर्माण नहीं है, बल्कि यह जिले की महिलाओं को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाली सीढ़ी है।" सूत्रों के अनुसार, यदि यह परियोजना सफल रहती है और महिलाओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो सरकार भविष्य में हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाकर 100 बिस्तर तक करने पर विचार कर सकती है। साथ ही, हॉस्टल परिसर में एक काउंसलिंग सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की भी योजना है, ताकि महिलाएं अपने पेशेवर कौशल को और बेहतर बना सकें।

एक उदाहरण बन सकता है झाबुआ

झाबुआ जिले में शुरू हो रही यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यदि महिला एवं बाल विकास विभाग इसी प्रकार अन्य जिलों में भी ऐसे हॉस्टल स्थापित करता है, तो यह न केवल महिलाओं को सुविधा देगा, बल्कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं में भी कमी आएगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के अथक प्रयासों और दूरदर्शिता ने झाबुआ की महिलाओं के जीवन को नई दिशा देने का कार्य किया है। इस हॉस्टल का निर्माण महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित होगा। शासन, प्रशासन और समाज की साझा भागीदारी से यह सपना जल्द ही साकार होता नजर आएगा।

न्यूज़ एडिटर

झाबुआ फर्स्ट
झाबुआ फर्स्ट मध्यप्रदेश में स्थापित अग्रणी हिंदी वेब न्यूज़ , वर्ष 2022 में आरएनआई दिल्ली द्वारा साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में पंजीयन के बाद खबरों को ऑनलाइन और प्रिंट दोनों ही माध्यम से प्रकाशित किया जा रहा है।
आरएनआई न. MPHIN39085 .

ख़बर पर आपकी राय